नौ जिलों में आंशिक राहत दे सकती है सरकार, चार जिलों में तीन मई तक रहेगी पाबंदी:Uttarakhandsmachaar

Lockdown in Uttarakhand: नौ जिलों में आंशिक राहत दे सकती है सरकार, चार जिलों में तीन मई तक रहेगी पाबंदी

देहरादून Updated Tue, 14 Apr 2020 09:30 PM
कैबिनेट की बैठक 

सार

  • केंद्र की गाइडलाइन का इंतजार, मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के साथ की चर्चा
  • केवल चार जिलों ही संक्रमण को लेकर संवेदनशील, जहां बंदिशें रहेंगी जारी

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने के एलान के बीच उत्तराखंड सरकार प्रदेश के नौ जिलों में लॉकडाउन में आंशिक राहत देने की तैयारी में जुट गई है। मोदी सरकार ने व्यवस्था बनाई है कि 20 अप्रैल तक अगर किसी जिले में नया केस नहीं आता तो वहां आंशिक राहत दी जा सकती है। आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सभी मंत्रियों के साथ बैठक हुई। बैठक में नौ जिलों में आंशिक राहत देने की रणनीति तय करने पर मंथन हुआ।
शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि केंद्र की गाइडलाइन मिलने के बाद सरकार अगला निर्णय लेगी कि प्रदेश में लॉकडाउन का स्वरूप कैसा रहेगा। मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के हालात पर चर्चा हुई।

चार जिले संवेदनशील, जहां 3 तक रहेगी पाबंदी
प्रदेश सरकार ने माना है कि केवल चार जिले देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल ही संवेदनशील हैं। इन चार जिलों में सरकार 3 मई तक लॉकडाउन के तहत पाबंदियां बरकार रखने पर विचार कर रही है। केंद्र की गाइडलाइन आने के बाद अन्य नौ जिलों में लॉकडाउन के तहत आंशिक राहत देने की कार्ययोजना बनेगी। अभी यह निर्णय नहीं हुआ कि सरकार 20 अप्रैल से पहले इन जिलों में राहत देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी या फिर केंद्र से आने वाले निर्देश के बाद रणनीति तैयार करेगी।

16 को अगला प्लान तय करेगी सरकार
प्रदेश सरकार ने 16 अप्रैल को एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी मंत्री और उच्च अधिकारी मौजूद रहेंगे। हालांकि इसे सरकार मंत्रिमंडल की बैठक नहीं बता रही है, लेकिन लॉकडाउन में राहत देने से संबंधित रणनीति इसमें बनेगी। फिलहाल सरकार नौ जिलों में आंशिक राहत और अगले मूल्यांकन तक अगर कोई नया केस नहीं आता तो पूरे राज्य में आंशिक राहत का प्रस्ताव केंद्र को भेज सकती है।

कई तरह की छूट का होगा प्रावधान
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र को लॉकडाउन बढ़ाने के प्रस्ताव पर दोबारा से मंथन हुआ। राज्य ने 18 सूत्रीय प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। इसी के तहत कैटेगिरी ए में नौ जिलों को शामिल किया जाएगा। यहां औद्योगिक इकाइयों का संचालन, कंस्ट्रक्शन का काम दोबारा चालू करने और आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य दुकानों को कुछ समय तक खोलने पर विचार होगा। कई ऐसी दुकानें चिह्नित की जा सकती हैं, जिन्हें सुबह सात से एक बजे तक खुला रखा जाए।

समय से खुलेंगे चारधाम के कपाट
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि भले लॉकडाउन की अवधि तीन मई तक बढ़ाई गई है, लेकिन चार धाम बदरी, केदार, गंगोत्री और यमनेत्री के कपाट तय समय पर खुलेंगे। इनके खोलने के लिए सामाजिक दूरी की पूरी व्यवस्था रखी जाएगी।

जिन मंदिरों के रावल बाहरी राज्यों से आते हैं, उनके लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय से मदद ली जाएगी। इसका प्रस्ताव जल्द केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यात्रा को अभी शुरू नहीं किया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोगों को सीमित संख्या में दर्शन करने की अनुमति देने पर भी विचार किया जा सकता है।

कालाबाजारी की शिकायतों पर सख्ती
प्रदेश सरकार ने खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया है कि सस्ते राशन की सप्लाई को सुचारू बनाया जाए। अगर सस्ते गले का राशन कहीं ब्लैक में बिकता हुआ मिला तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाए। बड़े पैमाने पर राशन की दुकानों को भेजे जा रहे स्टॉक की निगरानी के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसके नियमित मानिटरिंग होगी।

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  1. मैं आपकी नियमित पाठक हु आपकी खबरे उत्तराखंड और सभी जगहों से रूबरू करती है
    आपका धन्यवाद

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